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जिला कलक्टर ने 2 जुलाई से प्रारंभ होने वाली अन्नपूर्णा दूध योजना की तैयारियो की समीक्षा की।

जिला कलक्टर ने 2 जुलाई से प्रारंभ होने वाली अन्नपूर्णा दूध योजना की तैयारियो की समीक्षा की।

बाड़मेर, 12 जून। जिले के सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयांे एवं मदरसांे मंे कक्षा 1 से आठवीं तक के विद्यार्थियांे को दो जुलाई से सप्ताह मंे तीन दिन अन्नपूर्णा दूध योजना मंे ताजा गर्म दूध उपलब्ध कराया जाना है। अन्नपूर्णा दूध योजना की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए समुचित तैयारियां की जाए। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे अन्नपूर्णा दूध योजना संबंधित बैठक के दौरान के यह बात कही।
जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि शिक्षा विभाग आवश्यक तैयारियां समय पर पहले करें। ताकि योजना के क्रियान्वयन मंे किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। उन्हांेने कहा कि इसमंे किसी तरह की कौताही नहीं बरती जाए। साथ ही कौताही बरतने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। उन्हांेने कहा कि विद्यालयांे मंे दूध की आपूर्ति के लिए सरस डेयरी से अनुबंध कर गुणवत्तायुक्त दूध की उपलब्धता के लिए आवश्यक इंतजाम समय पर करें। जिला कलक्टर नकाते ने मिड-डे-मील की भांति प्रार्थना सभा के बाद बच्चांे को गर्म एवं निर्धारित मात्रा मंे दूध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्हांेने दूध की जांच की जिम्मेदारी एक अध्यापक को सौंपने तथा नियमित रूप से दूध चखने तथा गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि गांवांे मंे दूध सप्लाई के लिए महिला सहकारी समितियांे अथवा सरस के दूध संकलन केन्द्रों से अनुबंध कर गुणवत्तायुक्त दूध की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। उन्हांेने विद्यालयांे मंे कोल्ड चैन सिस्टम के लिए रखरखाव के लिए फ्रिज खरीदने के प्रस्ताव तैयार करने, शहर मंे सरस डेयराी एवं गांवांे मंे समितियांे से दूध क्रय करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि जिले के ऐसे सभी विद्यालय जहां पर अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत दूध सप्लाई होना है, उसकी जांच लेक्टोमीटर से आवश्यक रूप से की जाए।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने अन्नपूर्णा दूध योजना की शुरूआत के समय जन प्रतिनिधियांे एवं गणमान्य नागरिकांे की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ स्वच्छ बर्तनांे का इस्तेमाल किया जाए। उन्हांेने इस संबंध मंे समस्त संस्था प्रधानांे को आवश्यक तैयारियांे करने के लिए आवश्यक निर्देश देने के लिए कहा। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा गोपालसिंह ने बताया कि अन्नपूर्णा दूध योजना मंे शहरी क्षेत्र मंे सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार तथा ग्रामीण क्षेत्रांे मंे मंगलवार, गुरूवार एवं शनिवार को प्रार्थना सभा के तुरंत बाद दूध उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयांे मंे प्रति छात्र 150 मिलीग्राम एवं उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चांे के लिए 200 मिलीग्राम प्रति छात्र दूध उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रांे मंे दूध क्रय करने की कीमत 35 रूपए तथा शहरी क्षेत्रांे मंे 40 रूपए प्रति लीटर होगी। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा गोपालसिंह समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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