सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कृषि कनेक्शन नीति-2017 में संशोधन

-कृषि कनेक्शन नीति-2017 में संशोधन


बाड़मेर, 07 जून। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई कृषि कनेक्शन नीति-2017 के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन किए हैं। इन संशोधनों से इस नीति में अधिक पारदर्शिता आएगी और कृषि कनेक्शन देना आसान होगा।

नए संशोधन के अनुसार पारदर्शिता के प्रत्येक वर्ष अप्रैल के प्रथम सप्ताह में उपखंडवार सभी 11 केवी फीडरों के वोल्टेज रेगुलेशन की सूचना डिस्कॉम की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

निकटतम ब्लॉक सप्लाई वाले 11 केवी फीडर से ही कनेक्शनः कृषि कनेक्शन आवेदक को उसके कुएं व बोरिंग से न्यूनतम दूरी वाले निकटतम ब्लॉक सप्लाई 11 के.वी. फीडर से ही जारी किये जावेंगे। लेकिन ऐसे स्थान जहां पर ब्लॉक सप्लाई फीडर दूरस्थ स्थित है व 24 घंटे सप्लाई वाला फीडर पास में स्थित है ऐसी स्थिति में न्यूनतम दूरी वाले 24 घंटे सप्लाई फीडर से कृषि कनेक्शन दिये जा सकेंगे जिसकी स्वीकृति अधीक्षण अभियन्ता पवस की ओर से यह सत्यापित किए जाने के पश्चात जारी की जावेगी कि सम्बन्धित कनेक्शन को तकनीकी एवं आर्थिक रूप से ब्लॉक सप्लाई फीडर से दिया जाना साध्य नहीं है। यदि न्यूनतम दूरी वाला फीडर तकनीकी रूप से साध्य नहीं है तो फीडर सुधार करने के पश्चात ही कृषि कनेक्शन देय होगा।

दस प्रतिशत से अधिक वोल्टेज रेगुलेशन होने पर फीडर सुधार के बाद ही कनेक्शनः 11 के.वी. फीडर पर वोल्टेज रेगुलेशन 8 प्रतिशत से अधिक होने पर डिमाण्ड नोटिस जारी करने के उपरान्त सम्बन्धित सहायक अभियन्ता फीडर के सिस्टम सुधार की योजना बना कर सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लेकर छः माह की अवधि में सिस्टम में सुधार करने के उपरान्त ही आवेदक को कनेक्शन जारी करेगा। डिमाण्ड नोटिस जारी होने के छः माह की अवधि समाप्त होने के बाद यदि फीडर की सिस्टम सुधार की योजना पूर्ण नहीं होती है तो वोल्टेज रेगुलेशन 8 प्रतिशत से अधिक व 10 प्रतिशत तक होने पर कृषि कनेक्शन जारी कर दिये जायेंगे किन्तु 10 प्रतिशत से अधिक वोल्टेज रेगुलेशन होने पर कनेक्शन फीडर सुधार के बाद ही जारी किए जाएंगे।

सामान्य योजना में विभिन्न संवर्गों के आवेदकों को मिलेगी अधिभावी प्राथमिकताः सामान्य योजना के अन्तर्गत निम्न संवर्गों के आवेदकों को तीन वर्ष की अधिभावी प्राथमिकता प्रदान की जाएगी बशर्ते भूमि का स्वामित्व जिस पर कनेक्शन के लिए आवेदित किया गया है, कम से कम उसके नाम दो वर्ष से है। मांग पत्र व कनेक्शन जारी करने की प्राथमिकता पूर्व के नियमानुसार रहेगी। अधिभावी प्राथमिकता का लाभ इस अनुच्छेद में वर्णित आवेदकों को एक बार ही एक कनेक्शन पर देय होगा। इसमंे कार्यरत या भूतपूर्व सैनिक या उसकी पत्नी, राष्ट्रपति पुलिस पदक या राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त पुलिस पदक  कार्मिक, शारीरिक रूप से 40 प्रतिशत या इस से अधिक विकलांग, निगम कर्मचारी, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लघु सीमान्त किसान जो 5 एचपी तक के कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं।

इन्दिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर के दोनों तरफ एक किलोमीटर की दूरी में जहां सेम की समस्या है, वहां 5 एच.पी. तक कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले कृषकों को इसके लिये आवेदक को सम्बन्धित विभाग से आशय का सत्यापित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस कोटे में 3 वर्ष की प्राथमिकता का लाभ प्राप्त करने वाले उपभोक्ता कृषि कनेक्शन में भार वृद्धि उस क्षेत्र में उनकी प्राथमिकता के समकक्ष सामान्य कृषि योजना के कृषि कनेक्शन जारी होने की तिथि अथवा कृषि कनेक्शन जारी होने से अधिकतम 3 वर्ष की समयावधि पूर्ण होने की तिथि जो भी पहले आएगी। उस तिथि के पश्चात् करवा सकेंगे।

कृषि कनेक्शन ट्रांसफर नियम में बदलावः वर्तमान स्थान पर नाम बदलवाने पर स्थानान्तरण 2 वर्ष तक नहीं होगा, किन्तु पिता की मृत्यु होने पर उसके वारीसों के नाम फोती नामान्तरण होेने पर कृषि कनेक्शन स्थानान्तरण कर दिया जाएगा। वर्तमान आवेदक या उपभोक्ता द्वारा कनेक्शन होने से पूर्व अथवा बाद में एक बार स्थान परिवर्तन के पश्चात् पुनः स्थानान्तरण 2 वर्ष तक नहीं होगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

धोरीमन्ना ज़िम्मेदारो की उदासीनता माने या आपसी साठगाँठ पहाड़ियों का ऐतिहासिक अस्तित्व ख़तरे में जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान विभागीय उदासीनता से राजस्व विभाग को हो रहा है जमकर नुकसान

धोरीमन्ना ज़िम्मेदारो की उदासीनता माने या आपसी साठगाँठ पहाड़ियों का ऐतिहासिक अस्तित्व ख़तरे में जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान विभागीय उदासीनता से राजस्व विभाग को हो रहा है जमकर नुकसान धोरीमन्ना उपखंड की गोद में अधिकांश जगह में अवैध खनन का कार्य चरम पर है माने ज़िम्मेदारो ने उनको खनन की खुली छूट ही दे दी हो।ना कोई ख़ौफ़ ना किसी कानून का डर और नाही विभागीय अधिकारियों का डर।धोरीमन्ना में अवैध पत्थर व बजरी भरे ट्रकों का कारोबार जमकर चल रहा है।ऐतिहासिक आलम नगरी धोरीमन्ना की पहाड़ियां अपना ऐतिहासिक स्वरूप खो चुकी है तो कुछ पहाड़ियां अपना ऐतिहासिक स्वरूप खोने की कगार पर है।लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान न देने से कई सवाल खड़े हो रहे है जिस जिम्मेदारी के लिए सरकार ने उनकी नियुक्ति प्रदान की है उसके प्रति ही गम्भीर नही होंगे तो सवाल उठना भी लाजमी है।साता सड़क मार्ग के किनारे पचास फिट गहरे खड्डे में खनन हो रहा है सड़क मार्ग से महज दस फीट की दूरी पर पूरी तरह छलनी किया जा रहा है इसके आसपास के क्षेत्र में खनन माफियाओं ने खनन के चक्कर में पहाड़ियां ही काट डाली है।विभागीय उदासीनता के चलते रा...

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के कार्य 30 जून तक पूर्ण करवाएंःनकाते -जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने की ग्रामीण विकास योजनाआंे की प्रगति की समीक्षा

 मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के कार्य 30 जून तक पूर्ण करवाएंःनकाते -जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने की ग्रामीण विकास योजनाआंे की प्रगति की समीक्षा बाड़मेर, 24 मई। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तृतीय चरण के कार्य आवश्यक रूप से तीस जून तक पूर्ण करवाएं। इसमंे किसी तरह की कौताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल मंे ग्रामीण विकास योजनाआंे की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह बात कही। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान एवं अन्य फ्लैगशिप कार्यक्रमांे को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर है। इसकी नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। इनको गंभीरता से लेते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए अधिकाधिक लोगांे को लाभांवित करवाया जाए। उन्हांेने ग्रामीण विकास योजनाआंे की विभागवार एवं पंचायत समितिवार समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाभार्थियांे का बकाया भुगतान सुनिश्चित करवाने के लिए फोटो अपलोड एवं जीयो टेगिंग के कार्य को तीव्र गति से करवाया जाए। जिला कलक्टर ने एसएफसी एवं अन्य योज...

बालोतरा में हुई ममता हुई शर्मसार : प्रथम रेलवे फाटक पर मिला भ्रूण

बालोतरा में हुई ममता हुई शर्मसार : प्रथम रेलवे फाटक पर मिला भ्रूण बालोतरा- जिले के बालोतरा में एक बार फिर ममता शर्मसार होते नज़र आई। जब नवजात के भ्रूण को आवारा श्वान घसीट रहे थे। जैसे-तैसे करके लोगों ने भ्रूण को श्वानो से छुड़ाया और पुलिस को सूचना दी। भ्रूण मिलने से कस्बे में सनसनी फैल गई। घटना की खबर पूरे कस्बे में आग की तरह फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालोतरा के प्रथम रेलवे फाटक के पास नवजात का भ्रूण पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि पॉलीथिन ने पैक भ्रूण को श्वान घसीटकर ले जा रहे थे। पास से गुजरते लोगो की नज़र जैसे ही भ्रूण पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के भ्रूण को कब्जे में लिया। गौरतलब है कि यह नवजात के भ्रूण मिलने का पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। जागरूक जनता ने समय रहते पुलिस को सूचना दे दी। वरना नवजात का भ्रूण आवारा श्वानों का भक्षण बन जाता।